सेवा-रोग अनेक,उपाय एक

‘एकता ’ एक संकल्प हर मानव सेहतमंद रहे। मानव निर्मित पॅथीयो की दवाईयो का सेवन, नये-नये उपचार, थेरीपीयों से मुक्त हा सुखी जीवन जीए । सदा खुष रहे, सेहतमंद रहे जिससे षारीरिक और मानसिक सुख मिलें जिससे आनेवाला कल और भी उज्ज्वल हो। इसलिए ‘एकता’ ने निःषुल्क प्राकृतिक भोजन प्रणाली के माध्यम से सेवा करने का कार्य हाथ में लिया है।

विचार कीजिए

हम रोगी क्या होते है? पूर जीवन भर दुःखदाई रोगों के लक्षण क्यों भोगने पडते है? सदीयों से बच्चे अपंग, मानसीक, रोगों से ग्रस्त और विकृत क्यों होते है? कॅन्सर, मधुमेह, हृदयरोग, दमा , गठीया, मिर्गी और अन्या रोग क्यों पेैदा होते है? स्वय से पूछिये यह सब द्ःख और महामारीयाॅं क्यों?

वर्तमान में भागदौड, पैसे कामने की होड, खान पान में बदलाव आया, पुरानी सभ्यता को मानव भूल चुका है। इन्ही कारणों से मानव षरीरिक और मानसिक रोगोंसे पीडित हो रहा है।। वर्तमान परिस्तिथी देखते हए चिकित्सा पध्दतियाॅं विकसित हुई । फिर से आज पूरे विष्व में मानव समाज अनेक बीमारि योग से घिर चुका है। दिन ब दिन नई नई पॅथीयाू, नई थेरपीयाॅं, नई नई दवाइया नये अविश्कार, नए नए उपचार आजमाएजा रहे है पूरे जिन्दगी भर पॅथीयों की गोलियाॅ खायी जा रही मगर रोग जड से खत्म नही हो रहे।
तो आईए, प्राकृतीक भोजन , निरोगी , सुखी और आनंदी जीवन जीना चाहते है तो इस साधना में खान-पान में बदलाव करना होगा। आपका स्वास्थ आपेक भोजन में है। प्राकृतीक भोजन मे है। प्राकृतीक भोजन चिकित्सा साधना अपनाकर आप जिन्दगी भर स्वस्थ रह सकते है। प्राकृतिक चिकित्सा उतनी ही पूरानी है। जितनी की स्वयं प्रकृती या उसके आधारभुत तत्व आकाष वायु अग्नी जल एवंम् पृथ्वी वास्तव में यह चिकित्सा नही जीवन जीने की कला है। यह साधना अन्य साधनाओं से अलग है। आप इसका एक बार प्रयोग करके देख। परिणाम न मिले छोड दीजीये। यकीन के तौर पर यह साधना असाध्य से से असाध्य रोग जड से खत्म करती है।
रावण को मारने के लिए लाखो प्रयोग किये मगर सफलता नही मिली। तब विभीशण के कहने पर राम ने रावण के नाभी पर बाण मारा तब रावण की मौत हुई प्राकृतीक भोजन चिकित्सा साधना में रोग रूपी रावण को मारने के लिए संजीवनी क्रिया , उपवास, गीन ज्युस, कायाकल्प काढा और प्राकृतीक भोजन से पेट नाभी पर वार करके रोग रूपी रावण को जड से खत्म करते है । जैसे ऐसीडीटी, कब्ज, पीठ दर्द, सीरदर्द, ब्लड प्रेषर, हार्ट ब्लाकेज, डायबीटिज, आँखो के रोग, टीबी, डायलिसीस, जोडो का दर्द, थायरॉईड, चर्मरोग, एलर्जी, जुकाम, खाज - खुजली, अस्थमा, कैन्सर, एडस, मोटापा, गुप्त रोग, संतान प्राप्ती, मानसिक रोग, असाध्य कोई भी रोग।




रोगमुक्त होने की ट्रेनींग

मुक्ती पाए:
सदीयों प्रचलित अंधविष्वास एवं मान्यताओं से चमत्कार जैसे शब्दों से, अज्ञानता से, रोग एवं भविष्य के भय से
स्वयं के विचारों के मालिक बने
❒ सभी रोग एक, कारण एक , उनकी चिकित्सा भी एक।
❒ रोग काकारण कीटाणू नहीं।
❒ रोग षत्रु नही, मित्र होते है।
❒ प्रकृती स्वयं चिकित्सा है।
❒ प्राकृतीक चिकित्सा में रोग निदान की आवष्यकता नही।



शिक्षा कार्यक्रम

प्राकृतीक प्रणाली और मानव जीवन

स्थल
प्राकृतीक भोजन चिकित्सा एवं अनुसंधान केंद्र
74, सुमेध नगर, पाॅवर ग्रीड चैक, कांच कंपनी के पास
नारी रोड, नागपूर - 440026. (महाराष्ट्र)
मो.नं. 7385660231
सूचना : हर रविवार, सबेरे 10 से 12 बजे तक निःषुल्क
वेबसाइट : www.bhojanchikitsa.com



एकता बहुद्देषीय एज्युकेशन सोसायटी , नागपूर
‘एकता’ एक धर्मार्थ, गैर मुनाफाखोर संस्था है. संस्था मुकबधीर, मानसिक विकलांग बच्चो के शिक्षण, प्रशिक्षण और पुर्नवसन का कार्य सभी सेवाभावियों के सहयोग से कर रही है।
मानसिक , विकलाग ' मानव सेवा ' ही सच्ची ईश्वर सेवा है। इससे बडा कोई धर्म नही। इसलिए इस ‘मानव सेवा’ के मिशन को आगे बढाने हम से जुडे।
धन्यवाद !