दान

देना तो हमें प्रकृतीरोज ही सिखाती है, सुर्य अपनी रोषनी, फुल अपनी खुषबु, पेड अपने फल, नदियाॅं अपना जल, धरती अपना सीना छलन करके दोनों हाथों से हम पर अपनी फसल लुटाती है। इसक बावजूद न तो सुर्य की रोषनी कम हुई, न फुलों की खुषबु, न पेडो के फल कम हुए, न नदीयों का जल , क्या प्रकृती की मानव से कोई अपेक्षा होती है? नही
गीता में कहा गया है कि कर्म करो, ल की चिंता मत करो। हमें अच्छे कर्म करना है। ईश्वर न मांगते हुए सब इच्छा पूरी करता है। बस, षर्त यह है की निःस्वार्थ भाव से श्रध्दापूर्वक मानिसक विकलांग मानवों की भलाई के लिए किया जाए।


निावासी मानिसक विकलांग बच्चों के खच का विवरण
1) 1 बच्चा पूर साल का खर्च रू. 50,000/-
2) 1 बच्चा स्टेषनरी खर्च रू 5000/-
3) 1 बच्चा हस्तकला साहित्य मटेरियल रू 5000/-
4) 1 बच्चे का शिक्षा साहित्य मटेरियल रू 5000/-
5) 1 बच्चे का औशधी खर्च रू 5000/-
6) 1 बच्चे का भाजीपाला खर्च रू 6000/-
7) 1 बच्चा साफसफाई खर्च रू 5000/-
8) 1 बच्चा सलुन पर खर्च रू 500/-
9) 1 बच्चा धान्य व इतर मटेरियल खर्च रू 15000/-
10) 100 बच्चे युनिफार्म खर्च रू 30000/-
11) 100 बच्चे मेडीकल कॅम्प खर्च रू 15000/-
12) डाॅक्टर सॅलरी रू 10000/-
13) क्लीनिंग मटेरियल खर्च रू 20000/-




Requirement for Shelter Non Recurring Expenditure

1) Xerox Machine
2) Solar System
3) E learning Board
4) Class Round Table
5) Ambulnce
6) Musical Instruments
7) Solr Water Heater
8) Physotheraphy Equipments
9) Speech Theraphy Equipments
10) Invertor
11) Audio System
12) Hearing Aids
13) Sound system




एकता बहुद्देषीय एज्युकेषन सोसायटी , नागपूर
‘एकता’ एक धर्मार्थ, गैर मुनाफाखोर संस्था है. संस्था मुकबधीर, मानसिक विकलांग बच्चो के शिक्षण, प्रशिक्षण और पुर्नवसन का कार्य सभी सेवाभावियों के सहयोग से कर रही है।
मानसिक , विकलाग ' मानव सेवा ' ही सच्ची ईश्वर सेवा है। इससे बडा कोई धर्म नही। इसलिए इस ‘मानव सेवा’ के मिशन को आगे बढाने हम से जुडे।
धन्यवाद !